चुवाड़ी (चंबा)। कुठेड़-लग्गा सिंचाई कूहल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बनेट और कुडनू पंचायतों के किसानों को धान की फसल की चिंता रही है। सिंचाई कूहल पिछले साल भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी।
हैरानी की बात है कि एक वर्ष बाद भी क्षतिग्रस्त कूहल की मरम्मत नहीं हो पाई है। किसानों की मानें तो अब जून में धान की रोपाई करने का कार्य आरंभ होने वाला है। बावजूद इसके कूहल में पानी न होने से वे धान की रोपाई तक भी नहीं कर सकते हैं। किसानों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और चुवाड़ी के उपमंडलाधिकारी से किसानों की समस्या का शीघ्र समाधान करवाने की मांग उठाई है।
कुठेड-लग्गा कूहल से ग्राम पंचायत बनेट और कुडनू पंचायतों के गांव लाहड़, लग्गा सहित कठेड़ घटी की 30 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की जाती है। क्षेत्र के किसान धान उगाकर इसे बेचते भी हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कूहल की मरम्मत नहीं होती है तो आने वाले समय में उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। किसानों प्यार चंद, बलविंद्र, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार, नरेंद्र कुमार, देसराज, जर्म सिंह राणा, चरणदास, चमन, तरवीज, अनिल राणा, केशव, उत्तम चंद आदि ने बताया कि जुलाई 2022 में भूस्खलन से कूहल क्षतिग्रस्त हुई थी जिसकी मरम्मत करवाने की मांग को लेकर उपमंडल अधिकारी से भी किसानों का प्रतिनिधिमंडल मिल चुका है। बावजूद इसके अभी तक का कूहल का मरम्मत का कार्य आरंभ नहीं हो पाया है। भूस्खलन से करीब एक किलोमीटर तक जगह-जगह से कूहल क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उपमंडलाधिकारी सुनील कुमार कैंथ ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। भूसंरक्षण अधिकारी को समस्या के समाधान करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं।