चंबा के खैरी-चौहडा मार्ग का लाल पुल।संवाद
बाथरी (चंबा)। खैरी-चौहड़ा मार्ग के बीच शेरपुर, जंद्रेड़ा, सिमणी और चकरा आदि गांवों को जोड़ने वाले लाल पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद होना ग्रामीणों की मुसीबतों को बढ़ा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल आवाजाही के लिए खुला होने की सूरत में गोली-बाथरी के अलावा अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहन चालकों को राहत ही मिलती रही, लेकिन एनएचपीसी प्रबंधन की ओर से जर्जर हो चुके लाल पुल को बंद करवा दिया गया। बावजूद इसके अभी तक इस पुल की मरम्मत कार्य आरंभ करने के बजाय एनएचपीसी प्रबंधन की ओर से पुल के छोर पर मिट्टी के ढेर लगाकर रास्ता बंद किया गया है। ग्रामीणों का रोजाना शेरपुर से समलेऊ के लिए आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में एनएचपीसी प्रबंधन से वाहन चालकों ने उक्त पुल को आवाजाही के लिए बहाल करवाने को लेकर आवाज बुलंद की है।
ग्रामीणों में जगदीश, शिव कुमार, सुनीता कुमार, ठूला राम, देस राज, महेंद्र कुमार, मदनलाल, सुरेंद्र कुमार और मनजीत सिंह ने बताया कि खैरी-चौहड़ा के बीच शेरपुर आदि गांव को जोड़ने वाला लाल पुल कई वर्षो से बंद पड़ा है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इसे मलबा डालकर आवाजाही के लिए बंद किया गया है। पुल का निर्माण एनएचपीसी की ओर से करवाया गया है। पहले गोली-बाथरी के लिए सभी गाड़ियां इसी मार्ग से होकर जाती रहीं, लेकिन बहुत जर्जर होने के कारण इसका आज तक पुननिर्माण करवाने के बजाय प्रबंधन की ओर से इसे बंद ही रखा गया है। बताया कि शेरपुर से समलेऊ के लिए लोगों का आना-जाना रहता है। पुल से आवाजाही बंद होने की सूरत में लोगों को अधिक समय और अधिक ईंधन खर्च कर ही पहुंचना पड़ रहा है। कई बार चमेरा प्रबंधन को भी इस ज्वलंत समस्या को लेकर अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एक बार फिर से चमेरा प्रबंधन से लाल पुल को आवाजाही के लिए सुचारू करवाने को लेकर मांग उठाई है।
चमेरा प्रबंधन के मुखिया एवं महाप्रबंधक आदित्य गौतम ने बताया कि पुल के दो बार टेंडर हो चुके हैं। लेकिन, पुल निर्माण कार्य करने के लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आ रहा है। बताया कि मामला ध्यान में है। बताया कि जल्द ही नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करवा कर कार्य ठेकेदार को सौंपा जाएगा।