संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के भलेई क्षेत्र में खेतों में लहलहाने की तैयारी कर रही फ्रासबीन की फसल पर अब एक नए संकट ने दस्तक दे दी है। पत्तियों को तेजी से चट कर रहा कीट किसानों की मेहनत पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
खेतों में बढ़ते छेदों और कमजोर पड़ते पौधों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन्हें समय रहते फसल बचाने की उम्मीद कृषि विभाग से है। फसल की पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाला कीड़ा तेजी से फैल रहा है। इससे पत्तों में छेद बढ़ते जा रहे हैं। किसानों के बताया कि पिछले कुछ दिन से फ्रासबीन के पौधों पर कीटों का असर साफ दिखाई दे रहा है।
पत्ते तेजी से चट हो रहे हैं। इससे पौधों की सामान्य पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यदि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों में दलजीत सिंह, कमल कुमार, सूरज कुमार, अनिल कुमार, मीत कुमार और केवल कुमार ने कहा कि शुरुआती स्तर पर ही कीट नियंत्रण के उपाय न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कई खेतों में पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद बड़े नुकसान का रूप ले रहे हैं। पत्तों पर छेद आ गए हैं।
अगर पत्ते ही नहीं रहेंगे तो फसल अच्छी नहीं उगेगी और उनकी मेहनत खराब हो जाएगी। किसानों ने कृषि विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विशेषज्ञों की सलाह और उचित कीटनाशक छिड़काव से ही इस प्रकोप को रोका जा सकता है। साथ ही किसानों को समय पर जागरूक करना भी जरूरी है।
यदि जल्द नियंत्रण नहीं हुआ तो फ्रासबीन की पैदावार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उपकेंद्रों से डाटा मांगा जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में टीम को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। किसानों को दवाइयों के बारे में जानकारी दी जाएगी।