सिंगापुर में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद चंबा के भूगोल प्रवक्ता धीरज सिंह। स्वयं
चंबा। 21वीं सदी के शिक्षण तरीकों में तकनीक और वैश्विक दृष्टिकोण के समावेश से शिक्षा को नई दिशा दी जा सकती है। इसी उद्देश्य से सिंगापुर में आयोजित एक सप्ताहीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के भूगोल प्रवक्ता धीरज सिंह अब नई प्रेरणा और अनुभवों के साथ लौटे हैं।
धीरज सिंह ने 14 से 19 अप्रैल तक अमारा सैंक्चुअरी सेंटोसा सिंगापुर में आयोजित प्रिंसिपल्स अकादमी के प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘बदलते विश्व में शिक्षा और अधिगम को सशक्त बनाना’ में भाग लिया। कार्यक्रम के लिए हिमाचल प्रदेश से चयनित 15 प्रतिभागियों में वे चौथे स्थान पर रहे और जिला चंबा से एकमात्र चयनित प्रवक्ता रहे। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के स्टार प्रोजेक्ट और समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान प्रिंसिपल्स अकादमी के वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार एवं डीन ली लाई योंग और साइमन रेनॉल्ड्स ने प्रतिभागियों को 21वीं सदी की शिक्षा और अधिगम पद्धतियों से अवगत कराया। धीरज सिंह ने एवरग्रीन स्कूल और सेंट एंड्रयू सेकेंडरी स्कूल का भ्रमण कर सिंगापुर की शिक्षा प्रणाली को नजदीक से समझा।
भूगोल शिक्षा के विस्तार पर बल
ज्योग्राफिकल सोसाइटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के मीडिया सचिव एवं प्रवक्ता धीरज सिंह ने कहा कि सिंगापुर के प्रभावी स्थान प्रबंधन और भूमि उपयोग से भारत बहुत कुछ सीख सकता है। उन्होंने भारत की शिक्षा प्रणाली और संसाधन उपयोग में सुधार के लिए सिंगापुर की रणनीतियों को सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 21वीं सदी को भूगोल विज्ञान की शताब्दी करार देते हुए हिमाचल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में भूगोल विषय को अनिवार्य रूप से लागू करने की आवश्यकता जताई।
सिंगापुर में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद चंबा के भूगोल प्रवक्ता धीरज सिंह। स्वयं