चंबा। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जिले के जंगलों में भड़की आग आखिरकार इंद्रदेव ने शांत कर दी। बुधवार दोपहर को बारिश शुरू हो गई।
इससे जंगलों में भड़की आग बुझना शुरू हो गई। जंगलों में कड़कती धूप में आग बुझाने में जुटे वन कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली। जंगलों में आग बुझाने के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी। बारिश शुरू होते ही कुछ देर में जंगल से धुआं उठना भी बंद हो गया। इससे वन्य जीवों की जिंदगी पर मंडरा खतरा टल गया। जंगल की आग कई रेंगने वाले जीव जंतुओं को अपना शिकार बना चुकी है। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारी भी यही आस लगा रहे थे कि शायद बारिश हो जाए तो वन संपदा के साथ वन्य जीवों की जान बच जाए। आग को बुझाना वन कर्मियों के लिए जहां तक मुमकिन था, वहां तक वे अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने में जुटे रहे। कई जंगल ऐसे भी थे, जहां आग बुझा पाना कर्मचारियों के लिए नामुमकिन था। शहर के चारों तरफ जिन जंगलों से दोपहर तक धुंआ दिखाई दे रहा था। दोपहर बार धुआं दिखना बंद हो गया। उधर, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगल में लगी आग बुझाने में वन कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे थे। बारिश होने से जंगल में भड़की आग बुझ चुकी है।