चंबा। महिला पुलिस थाना की कार्यवाहक प्रभारी सुनीता देवी ने अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस दोस्त कार्यक्रम में छात्राओं को सुरक्षा का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारियों को समझें, सावधान रहें। साथ ही एक जिम्मेदार नागरिक बनें। खुद को कमजोर न समझें। महर्षि दयानंद मठ चंबा की छात्राओं ने शनिवार को महिला पुलिस थाना चंबा का भ्रमण किया।
महिला थाना की कार्यवाहक प्रभारी सुनीता कुमारी ने छात्राओं को पुलिस को अपना दुश्मन नहीं दोस्त समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी देख कर लोग या बच्चे उनसे बात करने में झिझकते हैं लेकिन, उनसे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्राओं, युवतियों को अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देने चाहिए। किसी भी छात्रा को राह चलते कोई भी छेड़ता है या उनके साथ गलत हरकत करता है तो तुरंत पुलिस के 112, 1098 या विभागीय नंबर पर इसकी सूचना दे सकती है। पुलिस लड़कियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 48 घंटों तत्पर रहती है।
उन्होंने छात्राओं को मोबाइल का कम प्रयोग करने, सोशल मीडिया पर पर्सनल फाेटो अपडेट न करने को लेकर भी चेताया। सोशल मीडिया के जरिये छात्राएं किसी के भी चंगुल में फंस जाती हैं जिनसे निकलना उनके लिए कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे गलत कदम तक उठा लेती हैं। उन्होंने युवाओं को तवज्जो देने के बजाए अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने पर बल देने की भी बात कही। छात्राओं ने क्रमवार कार्यवाहक पुलिस थाना प्रभारी से प्रश्न भी पूछे जिनके उत्तर पाकर छात्राएं संतुष्ट नजर आईं। महिला थाने के स्टाफ में मुख्य आरक्षी विक्रम ठाकुर, रीता देवी, रबीना, निशा और उषा मौजूद रही।
और लगे महिला थाने में ठहाके
महिला थाने में उस समय माहौल ठहाकों से गूंज उठा जब कार्यवाहक महिला थाना प्रभारी ने छात्राओं को घर पर बोर होने पर रियलिटी चेक के लिए 112 नंबर डायल न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि केवल आपात स्थिति में ही छात्राएं इस नंबर पर कॉल कर सकती हैं। 24 घंटे इस पर निशुल्क कॉल हो सकती है।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस दोस्त कार्यक्रम में अहम जानकारी मिली है। आपातकालीन स्थिति में छात्राएं 112 नंबर पर कॉल कर सकती हैं।
हर्षिता भूषण, कक्षा जमा एक
पुलिस अधिकारी ने छात्राओं की जिज्ञासावश उत्पन्न हुए प्रश्नों के जवाब दिए। जिससे कई प्रकार की शंकाओं का समाधान हुआ है। इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
-भूमिका शर्मा, कक्षा जमा एक
वर्दी में पुलिस अधिकारी, जवानों को देख कर कुछ छात्राएं डर गईं लेकिन उनके मिलनसार रवैये से खुलासा हुआ कि पुलिस दुश्मन नहीं बल्कि दोस्त होती है।
-भावना राणा, कक्षा जमा दो
-
महिला प़ुलिस थाना में महिलाएं ही अधिकारी और जवान देख कर मन को सुकून मिला। भविष्य में पुलिस में भर्ती होकर दिल में कुछ करने की चाह है।
-जिया ठाकुर, कक्षा जमा दो
-
अमर उजाला और स्कूल प्रबंधन की ओर से अहम जानकारियां इस भ्रमण के दौरान मिली है। जिसका उन्हें भविष्य में काफी लाभ होगा। इस प्रकार के कार्यक्रम होने चाहिए।
-निहारिका कपूर, कक्षा जमा दो
पुलिस को लेकर लोगों के मन में बनने वाली छवि भी आज इस भ्रमण के बाद साफ हो गई है। पुलिस को देख डरने के बजाए अब उनसे खुल कर बात कर अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
-अनवेशा भारद्वाज, कक्षा जमा दो