चंबा। पुखरी के भूमणी गांव में व्यक्ति की मौत के बाद फैले दहशत के माहौल को शांत करने के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी पुखरी अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मृतक के घर में जाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उसके बाद परिजनों से मृतक के बारे में पूरी हिस्ट्री को जाना। इसमें परिजनों ने मृतक के आखिरी समय के जो लक्षण बताए उससे इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति की मौत रैबीज से हुई हो।
हालांकि रैबीज की सही पहचान शव के पोस्टमार्टम के उपरांत ही हो सकती थी लेकिन परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम से पहले ही अंतिम संस्कार दिया था। मृतक के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के उपरांत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नवदीप राठौर ने गांव के सभी लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों को एक स्थान पर एकत्रित किया जहां पर उन्हें रैबीज के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें समझाया कि जो लोग मृतक के प्राथमिक संपर्क में आए हैं केवल वही लोग एंटी रैबीज का टीका लगवाएं। अन्य लोगों को टीका लगवाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने गांव वासियों को यह भी आश्वासन दिया कि उन्हें एंटी रैबीज का टीक लगवाने के लिए अब चंबा मेडिकल कॉलेज जाने की नौबत नहीं आएगी। इसके लिए उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुखरी में ही टीके उपलब्ध करवा दिए हैं। इसको लेकर गांव वासियों ने उनके प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने गांववासियों से यह भी आग्रह किया कि वे रैबीज को लेकर बिना वजह भयभीत न हों।