नैनीखड्ड में बाहरी राज्यों से मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालु अपनेपंजीकरण करवाते हुए। संव
भरमौर (चंबा)। नेपाल त्रासदी का असर मणिमहेश यात्रा पर भी दिखने लगा है। जन्माष्टमी के छोटे शाही स्नान के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी के साथ वृद्धि देखने को मिलती थी लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की आवाजाही में कमी देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण नेपाल में हुई त्रासदी और हिमाचल में मूसलाधार बारिश को माना जा रहा है। हालांकि, भरमौर और यात्रा मार्ग पर मौसम साफ चल रहा है। प्रशासन की तरफ से भी श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई चेतावनी नहीं दी जा रही है।
प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 5000 श्रद्धालुओं का स्लॉट तय किया था। प्रतिदिन इससे अधिक श्रद्धालु हड़सर से डल झील की तरफ नहीं जा सकते लेकिन, यह स्लॉट अभी तक सिर्फ छोटे शाही स्नान वाले दिन ही पूरा हुआ। बाकी दिनों में 2500 से 3000 का आंकड़ा पार नहीं हो रहा है। ऐसे में 2024 की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी देखने को मिल रही है। 2025 में खराब मौसम के कारण बीच में ही यात्रा स्थगित कर दी गई थी। आगामी दिनों में भीड़ बढ़ती है या कम होती है, इसको लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। बड़ा शाही स्नान राधाष्टमी को होगा। शिव के चेले डल तोड़ने की परंपरा निभाएंगे। उसके बाद ही डल झील में शाही स्नान शुरू होगा।