खैरना ओर चुंडी जंगल मे अवैध कटान की जांच करती विभागीय टीम।स्त्रोत:जागरूक पाठक
चंबा। वन मंडल चुराह के खैरना और चुंडी जंगल में अवैध कटान मामले में वन रक्षक और वन खंड अधिकारी को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है।
पांच अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन पर भी निलंबन की तलवार लटक गई है। वन मंडल अधिकारी ने जंगलों में गहनता से जांच करवाई तो टीडी के नाम पर देवदार और कायल के पेडों का भारी मात्रा में अवैध कटान मिला। टीडी के तहत जो पेड़ मंजूर किए गए थे, उनकी बजाय टीडी धारक ने हरे-भरे पेड़ काट डाले। इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। ऐसे में विभाग ने वन रक्षक और वन खंड अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। पांच कर्मचारियों को नोटिस भेजे गए हैं। इनका जवाब शीघ्र देने के आदेश दिए गए हैं।
वन विभाग के पास जंगल में अवैध कटान की शिकायत पहुंची थी। वन मंडल अधिकारी की अगुवाई में टीम जांच के लिए जंगल में पहुंची तो टीडी के नाम पर पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया। टीम ने जंगल में देवदार और कायल के 661 स्लीपर भी बरामद किए। 135 पेडों के ठूंठ मिले हैं। इन्हें टीडी के नाम पर अवैध तरीके से काटा गया था। विभाग में टीडी मंजूर होती है तो चिह्नित पेड़ का कटान संबंधित वन रक्षक और वनखंड अधिकारी की देख-रेख में होता है। ऐसे में टीडी के तहत मंजूर पेडों के बजाय अन्य पेड़ पेड़ों का कटान इस बात की तरफ इशारा करता है कि इसमें विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही रही। मामले की जांच के लिए विभाग ने धर्मशाला की टीम भी जंगल में भेजी थी। वनखंड अधिकारी और धर्मशाला की टीम की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने यह कार्रवाई की है। संवाद
छह साल में सेवाएं देने वाले भी जांच के दायरे में
खैरना और चुंडी जंगलों से संबंधित वन बीटों में पिछले छह साल में सेवाएं देने वाले वन रक्षक और वन खंड अधिकारी सहित वन परिक्षेत्र अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दो कर्मचारियों के सस्पेंड होने के बाद अन्य कर्मचारियों की नींद उड़ गई है।
मुख्य वन अरण्यपाल चंबा अभिलाष ने बताया कि विभागीय जांच के बाद दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। पांच अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। इन कर्मचारियों के जवाब मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।