तीसा (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा के शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। अस्पताल के शौचालयों में पसरी गंदगी के कारण यहां पर शौच करना तो दूर की बात शौचालयों के सामने से बदबू के कारण गुजरना भी मुश्किल है। अस्पताल के सभी वार्डों के शौचालयों सहित ओपीडी के शौचालयों में भी गंदगी का आलम है। हैरानी की बात है कि विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने अस्पताल में पहुंच कर कुछ माह पहले अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसके बाद कुछ हद तक हालात सुधरे लेकिन अब दोबारा अस्पताल प्रबंधन अब तक शौचालयों की सफाई करवा कर इस्तेमाल योग्य नहीं बना पाया है।
अस्पताल पर 55 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी निर्भर
उपमंडल चुराह की 55 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए सिविल अस्पताल तीसा पर निर्भर है। पंचायत तीसा प्रथम, तीसा द्वितीय, भंजराडू, डोंरी, खुशनगरी, तरेला, देग्रां, बैरागढ़, देवीकोठी, थनेईकोठी, गुडे़ई, चांजू, चरड़ा, कुठेड़ बुधौड़ा, देहरा, पद्दर, खजुआ, बिहाली, थल्ली, सतयोआ, टिकरीगढ़, देहरोग आदि पंचायतों से लोग विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन अस्पताल में अव्यवस्था का होना मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है।
खुले में शौच करने को मजबूर
ग्रामीणों लाल चंद, राम दयाल, चंदराम, दिलीप सिंह, नारायण सिंह, लतीफ मोहम्मद, याकूब, आरती देवी, कौशल्या देवी, अर्चना देवी आदि ने बताया कि अस्पताल के शौचालयों के हाल-बेहाल है। गंदगी पसरी होने के कारण मजबूरन उन्हें अस्पताल परिसर से दूर ग्रामीणों के खेेतों में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शौचालय में गंदगी होने से विशेष कर महिलाओं की मुसीबतें बढ़ गई हैं। उन्होंने सिविल अस्पताल प्रबंधन से मांग की है शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जाए।
कार्यवाहक बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है। कहा कि उच्च अधिकारियों से अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है। स्टाफ मिलते ही शौचालयों में व्यवस्था सही करवा दी जाएगी।