खरीफ सीजन में मक्का-धान पर 60 हजार रुपये तक का कवरेज, अब तक 5,376 किसान करा चुके बीमा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्राकृतिक आपदा से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्निर्मित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों को समय पर बीमा करवाने की सलाह दी गई है।
जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें किसानों को योजनाओं से जोड़ने और समय पर लाभ दिलाने की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि खरीफ सीजन-2026 के लिए किसान 31 अगस्त तक फसल बीमा करवा सकते हैं। इसके लिए लोक मित्र केंद्र, जन सेवा केंद्र या पीएमएफबीवाई पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। बीमा करवाने के लिए फोटोग्राफ, पहचान पत्र और खेत के खसरा नंबर का प्रमाण आवश्यक होगा।
मक्का और धान की फसल के लिए 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम पर अधिकतम 60 हजार रुपये तक का बीमा कवरेज उपलब्ध है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने पर बीमा किसानों को आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद करेगा।
उपायुक्त ने बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। ऋणी किसान स्वतः बीमित होंगे जबकि योजना से बाहर रहने के इच्छुक किसानों को बैंक में घोषणा पत्र देना होगा। कृषि विभाग को एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकरण में तेजी लाने को भी कहा गया।
उपनिदेशक कृषि डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि रबी 2025-26 में 7,346 किसानों की 814.15 हेक्टेयर गेहूं और जौ की फसल बीमित हुई। खरीफ 2026 में अब तक 5,376 किसानों की 625.89 हेक्टेयर मक्का और धान की फसल बीमा कवर में आ चुकी है। जागरूकता के लिए 165 से अधिक शिविर लगाए गए हैं।