चंबा। लंगेरा गांव के रहने वाले 30 परिवारों की आवाजाही के लिए जब किसी ने भी पैदल रास्ता नहीं बनाया तो ग्रामीणों ने हाथ में गैंती बेलचा उठाकर स्वयं ही पैदल रास्ता बना दिया। रविवार को गांव के सभी लोग संघनी के पास भूस्खलन वाले स्थान पर पहुंचे जहां पर बंद पड़े मार्ग की वजह से ग्रामीणों को पहाड़ी से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। लोगों की आवाजाही के लिए ग्रामीणों ने स्वयं पैदल रास्ते का निर्माण शुरू किया। अपनी आवाजाही के लिए पहाड़ी पर स्वयं पैदल रास्ता बना डाला। लोक निर्माण विभाग ने दस दिन पहले हुए भूस्खलन के दौरान ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि उनके लिए पहाड़ी पर पैदल रास्ता बनवा दिया लेकिन दस दिन बीतने के बाद भी विभाग ने कोई रास्ता नहीं बनवाया। इसके चलते रविवार को ग्रामीणों ने स्वयं रास्ता बनाने का निर्णय किया। सुबह से लेकर शाम तक ग्रामीण रास्ता बनाने में जुटे रहे। इस दौरान ग्रामीणों में प्रशासन और विभाग के प्रति काफी नाराजगी दिखी।
ग्रामीणों राजिंद्र सिंह, मनोज कुमार, हंसराज, प्रताप चंद और रवि कुमार ने बताया कि संघनी-लंगेरा मार्ग दस दिनों से बंद पड़ा हुआ है। इसे बहाल करवाने में लोक निर्माण विभाग अभी तक नाकाम रहा है। इसका खामियाजा लंगेरा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वाहन सुविधा तो दूर की बात है ग्रामीणों के लिए पैदल रास्ते तक का निर्माण नहीं किया गया। रोजाना दो दर्जन स्कूली बच्चे पहाड़ी से होकर आवाजाही करते हैं। ऐसे में अभिभावकों को दिन भर अपने बच्चों की चिंता सताती रहती है। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बंद मार्ग को जल्द बहाल करवाया जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक महाजन ने बताया कि जल्द मार्ग यातायात के लिए बहाल करवाया जाएगा।