चंबा परिवहन निगम गेट के बाहर अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।संवाद
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चंबा डिपो के कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। रविवार को राज्य कार्यकारिणी के उपप्रधान ओमशंकर की अध्यक्षता में गेट मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पांच तारीख तक वित्तीय लाभ नहीं मिले तो वे काम छोड़ो आंदोलन शुरू करेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में लंबित रात्रि भत्ते और अन्य वित्तीय लाभ शामिल हैं। कर्मचारियों का विरोध बीते तीन दिनों से जारी है। ओमशंकर ने कहा कि कई योजनाओं का लाभ न मिलने से कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से निगम के कर्मचारियों को लाखों रुपए की देनदारी सरकार और निगम के पास पड़ी है। इस बारे में कर्मचारियों ने समय-समय पर सरकार और निगम के प्रंबधकों के साथ बैठकें की, लेकिन उन्हें आज तक आश्वासन ही मिला।
उन्होंने बताया कि निगम का कर्मचारी कर्जे के बोझ में इतना दब गया है कि उसे रोजमर्रा का खर्चे करने में दिक्कत हो रही है, न कर्मचारी बैंक की किश्त जमा करा पा रहे है, न ही अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहे है। इस मौके पर चमन लाल, रजिंद्र, किशन चंद, याकूब मोहम्मद, महिंद्र सिंह, विनोद कुमार, लुकेश, मनोज कुमार, अनुप सहित 50 कर्मचारी उपस्थित रहे।