जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में अब बच्चों का आधार कार्ड भी बनाया जाएगा। जन्म होने के बाद सर्टिफिकेट के साथ आधार कार्ड भी बनाया जाएगा।
वीरवार को जिले के सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र जहां पर प्रसव की सुविधा है, वहां के स्वास्थ्य कर्मियों को टैब दिया गया। यह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा ने दिए। डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि आधार लिंक बर्थ रजिस्ट्रेशन के तहत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिए गए टैब में बच्चे का बर्थ रजिस्ट्रेशन नंबर डालने पर उस बच्चे से संबंधित सारी जानकारी टैब में आ जाएगी। उसके बाद बच्चे का फोटो लिया जाएगा। साथ ही माता पिता के फिंगर से उसकी वेरीफिकेशन होगी।
यह टैब जिला के उन अस्पतालों के कर्मचारियों को दिए गए हैं, जहां पर प्रसव की सुविधा है। पहले जन्म के बाद बच्चे का आधार कार्ड माता पिता को आंगनबाड़ी केंद्र या आधार केंद्र में बनाना पड़ता था।
इस दौरान माता पिता को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन अब सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चे का आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र मौके पर बना दिया जाएगा। इससे बच्चे के माता पिता को आधार कार्ड बनाने के लिए आंगनबाड़ी व आधार केंद्र के चक्कर नहीं काटने होंगे। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मान सिंह, सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा अनिल शुक्ला, आशीष चंदेल, विजय कुमार, अमित कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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