बनीखेत (चंबा)। प्रदेश में सात सौ नए गृह रक्षक जवानों की प्रस्तावित भर्ती ने पहले से तैनात होमगार्ड जवानों की बेरोजगारी की समस्या को और गहरा दिया है। इसको लेकर गृह रक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह चौहड़िया ने चिंता जताई है।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी करीब एक हजार से अधिक होमगार्ड जवान बिना ड्यूटी के घर बैठे हैं। ऐसे में नई भर्ती से और अधिक जवान बेरोजगार हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा कांग्रेस सरकार बनने पर सभी होमगार्ड जवानों को सालभर रोजगार देने की घोषणा अब तक कागजों तक ही सीमित है।
इसके अलावा बीते वर्ष गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं भी अधूरी हैं। इनमें बाहरी राज्यों में ड्यूटी करने वाले जवानों को 500 रुपये अतिरिक्त भत्ता और महिला होमगार्ड्स को छह महीने का मातृत्व अवकाश देने की बात शामिल थी, जिनकी न तो अधिसूचना जारी हुई और न ही क्रियान्वयन हुआ।
चौहड़िया ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद होमगार्ड जवान पुलिस, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता और नशा मुक्ति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बावजूद इसके, उन्हें सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि होमगार्ड जवानों को बेरोजगारी से बचाने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और उन्हें अवकाश, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, करुणा मूलक नियुक्ति और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।