होली तहसील मुख्यालय के सामने वाली पहाड़ी में बढ़ी हिमालयन थार की संख्या
वन विभाग भी आश्वास्त, दूरबीन के जरिए 100 से अधिक आंकड़ा आया सामने
लोग बोले, बन सकता है सेंक्चुरी एरिया, विभाग करें थार की सुरक्षा का प्रबंधक
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। होली घाटी की पहाड़ियां अब सिर्फ प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि हिमालयन थार की नई दुनिया बन चुकी हैं। तहसील मुख्यालय के सामने स्थित ढलानों पर सैकड़ों थार का एक साथ विचरण इस क्षेत्र को एक अनोखी जैव विविधता की पहचान दे रहा है जहां जंगल खुद एक प्रजनन स्थल में बदल चुका है।
वन विभाग भी इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। दूरबीन के जरिये थार की 100 से अधिक संख्या सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब चार साल से हिमालयन थार जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित शरण स्थली बनी हुई है। इन वन्य प्राणियों ने अपना प्राकृतिक प्रजनन केंद्र अपने आप ही विकसित कर लिया है। यहां हर साल लगभग 60 से 70 बच्चों को यह वन्य प्राणी जन्म दे रहे हैं। कई बार देखा गया है कि कभी-कभी यहां 100 से अधिक जानवर एक समय में ही इकट्ठे हो जाते है। कुछ समय पहले वन विभाग के रेंज अधिकारी ने दूरबीन से एक सौ से अधिक थार के बच्चों की गणना की थी। स्थानीय लोगों में हरीश चंद्र, राजेश कुमार, अमित कुमार और रोशन लाल ने कहा कि तहसील मुख्यालय के स्थित पहाड़ी में थार को देखने के लिए लोग घंटों खड़े रहते है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार और विभाग इन वन्य प्राणियों को सरंक्षण प्रदान करें तो पर्यटन के नजरिये से यह क्षेत्र विकसित होगा। इसे सेंक्चुरी एरिया भी घोषित किया जा सकता है।
उधर, वन रक्षक मनीष कुमार ने बताया कि होली तहसील के सामने वाली पहाड़ी हिमालयन थार की जन्म स्थली बनती जा रही है। कुछ समय पहले विभागीय अधिकारी ने दूरबीन के जरिये गणना की थी। इसमें करीब एक सौ से अधिक थार सामने आए थे।