छाता लेकर बस चलाते हुए ड्राइवर
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आसमान से गिरतीं बारिश की बूंदें सिस्टम की खामियों को भी उजागर कर गई। पहाड़ी रास्तों की चुनौती के बीच बस की छत से टपकते पानी से बचने के लिए चालक ने एक हाथ में छाता थाम रखा था और दूसरे से स्टीयरिंग संभाले रखा। चंबा से होली तक का यह सफर लापरवाही और मजबूरी के बीच झूलती हकीकत का आइना बन गया।
तेज बारिश के बीच बीते रविवार सुबह चंबा से होली जा रही एचआरटीसी की बस में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बस चालक एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ से स्टीयरिंग घुमा रहा था। यात्रियों में घबराहट थी। लेकिन विश्वास भी था कि चालक उन्हें सही सलामत गंतव्य तक पहुंचा देगा। यात्रियों ने बताया कि एचआरटीसी की बसों में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। बारिश होने पर अकसर बसों की छत से पानी टपकने लगता है।
यात्रियों में रीना शर्मा, अजय कुमार, संदीप कुमार, विनोद कुमार, हरीश कुमार और दलीप कुमार ने बताया कि बारिश में बस की छत से पानी टपक रहा था। चालक ने सुरक्षित गंतव्य तक तो पहुंचा दिया लेकिन सफर के दौरान यही डर रहा कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों में सफर करना उनकी मजबूरी बन गई है। बारिश होने पर यात्रियों को छाता साथ रखना पड़ता है, वरना पूरी यात्रा भीगते हुए गुजरती है। निगम की बसें खटारा हो चुकी हैं।