सफेद चादर में लिपटीं ऊंची चोटियां
चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद पहाड़ों का दृश्य आकर्षक हो गया है। चोटियों पर जमी बर्फ ने पूरे क्षेत्र को नया रूप दे दिया है। हालांकि, इस खूबसूरत नजारे के साथ ठंड का असर भी तेजी से बढ़ा है। पांगी और भरमौर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में मौसम का बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगा है। पांगी की सुराल घाटी में बर्फबारी शुरू होने से सर्दी का असर और बढ़ने की आशंका है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने के साथ लोगों को अब ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
निचले इलाकों में बारिश, बढ़ी ठिठुरन
जहां ऊंची चोटियां बर्फ से ढक रही हैं, वहीं जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक महसूस हो रही है। लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे जिले में सर्दी का एहसास बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का एक साथ होना मौसम के बदलते मिजाज को दर्शाता है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के कामकाज के दौरान मौसम पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
खूबसूरती के साथ सावधानी भी जरूरी
बर्फबारी से पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ गई है, लेकिन तापमान में गिरावट और मौसम की अनिश्चितता के बीच सावधानी बरतना भी जरूरी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। बारिश और बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन या आवाजाही में परेशानी हो सकती है।
चंबा के पांगी और भरमौर में बदले मौसम ने एक ओर पहाड़ों को बर्फ की सफेद चादर से सजा दिया है, तो दूसरी ओर ठंड का असर भी बढ़ा दिया है। बर्फबारी और दो स्नो लेपर्ड नजर आने की सूचना ने इस पहाड़ी क्षेत्र को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।