चंबा। प्राकृतिक आपदा के बाद जिला चंबा में स्थिति अब भी नियंत्रण से बाहर है। जांघी से भरमौर तक एनएच की हालत खस्ता है। अलग-अलग हिस्सों में लगभग 20 किलोमीटर हाईवे पूरी तरह से जमींदोज हो गया। इससे पैदल यात्रा के साथ ही वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। जिले की अब भी 286 सड़कें, 701 ट्रांसफार्मर और 93 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण इस समय सबसे बड़ी मुसीबत उन श्रद्धालुओं को हो रही है जो मणिमहेश यात्रा पर आए थे। उन्हें भरमौर से जांघी तक पैदल यात्रा करने के बाद ही कलसूंई तक पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है। शनिवार देर शाम से फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार चंबा, सलूणी, तीसा, भरमौर और पांगी क्षेत्रों में सड़कें बंद हो चुकी हैं। चंबा और सलूणी में 60-60, तीसा में 58, भरमौर में 48, भटियात में 28 और पांगी में 18 सड़कें बंद हैं। इससे स्थानीय लोगों को विशेष रूप से खाद्य सामग्री की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
भटियात में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर बंद
जिला में 701 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इनमें भटियात में 260, चंबा में 210, तीसा में 166, डलहौजी में 45 और सलूणी में 20 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
तीसा में सबसे ज्यादा पेयजल योजनाएं ठप
जिला चंबा में भारी बारिश के बाद 93 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। इनमें तीसा में 34, सलूणी में 25, भरमौर में 16, पांगी में 9, भटियात में 5 और चंबा में 4 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हुई हैं।
16 घंटों के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू
भूस्खलन के बाद बनीखेत-भरमौर हाईवे पर यातायात बहाल
बनीखेत (चंबा)। भरमौर-पठानकोट हाईवे लाहड़, केरू पहाड़, और तुन्नूहट्टी के समीप भारी भूस्खलन के कारण पूरी तरह से बंद हो गया था। इससे सवारियों से भरी बसें और अन्य वाहन मार्ग पर फंस गए थे। स्थानों पर भारी मलबे और पेड़ों के गिरने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
हालांकि लोक निर्माण विभाग ने पूरी रात के बाद सुबह 12ः00 बजे तक जेसीबी मशीनों की मदद से लगभग 16 घंटे बाद हाईवे को बहाल कर दिया। इससे श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को राहत मिली। एनएच सहायक अभियंता प्रमोद शर्मा के अनुसार, हाईवे पर भारी भूस्खलन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन अब मार्ग वाहनों के लिए खुल गया है। बनीखेत के खैरी पुल से 100 मीटर की दूरी पर और मलबे के गिरने के कारण बनीखेत-बगढ़ार मार्ग भी बंद हो गया था, लेकिन विभाग के त्वरित प्रयासों से मार्ग को खोल लिया गया और यातायात को बहाल कर दिया गया।