किलाड़ के लोग शनिवार को हेलीकॉप्टर की उड़ान का इंतजार करते रहे और पायलट ने ईंधन न होने का हवाला देकर किलाड़ जाने से इनकार कर दिया। दिन भर इंतजार के बाद किलाड़ के लोग एक बार फिर मायूस लौट गए। इससे पूर्व हेलीकॉप्टर की चंबा और पांगी के बीच दो उड़ानों की घोषणा हुई थी। इसमें किलाड़ व धरवास की उड़ान का शेड्यूल जारी हुआ था।
सुबह किलाड़ से 14 यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर चंबा पहुंचा और चंबा से 19 यात्रियों को लेकर धरवास के लिए चला गया। धरवास से 20 यात्रियों को लेकर वापस चंबा पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद पायलट ने हेलीपैड पर किलाड़ जाने के लिए इंतजार कर रहे लोगों से ईंधन न होने की बात कही। इंतजार कर रहे करीब 16 यात्रियों को छोड़कर गगल चला गया। इससे किलाड़ जाने वाले यात्रियों को लगातार दूसरे दिन भी निराशा झेलनी पड़ी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को चंबा-किलाड़ के बीच होने वाली उड़ान में पायलट ने गर्मी का हवाला देकर सिर्फ सात यात्रियों को ले जाने की बात कही थी। जिस पर यात्रियों ने हंगामा खड़ा कर दिया था और हेलीकॉप्टर को खाली लौटा दिया था। शनिवार को उड़ान के लिए दोबारा शेड्यूल जारी हुआ तो दोबारा यात्री हेलीपैड पर पहुंच गए। लेकिन, पायलट ने इस बार ईंधन न होने की बात कहकर उड़ान नहीं भरी। किलाड़ जाने वाले सभी लोग पंजीकरण फीस जमा करवा चुके हैं। चंबा-पांगी के बीच हेलीकॉप्टर का किराया 1500 रुपये है। जो पंजीकरण के समय एडवांस में लिया जाता है। यदि कोई यात्री अपना पंजीकरण रद्द करवाता है तो विभाग उसके पैसे वापस कर देता है। लेकिन, उड़ान रद्द होने के बाद किसी भी यात्री ने फिलहाल पंजीकरण रद्द नहीं करवाया है।
ईंधन न होने की वजह से रद्द हुई उड़ान : शिवदेव
उधर, सहायक आयुक्त शिवदेव सिंह ने बताया कि धरवास और किलाड़ का शेड्यूल जारी हुआ था। लेकिन, ईंधन न होने की वजह से पायलट ने किलाड़ के लिए उड़ान भरने से इनकार कर दिया है। अब आगामी शेड्यूल जारी होते ही पंजीकृत यात्रियों को हवाई यात्रा का लाभ दिया जाएगा।