बारिश के बाद खेतों में छाई हरियाली
जिले में जल शक्ति विभाग की 37 परियोजनाएं भी हुईं प्रभावित, 19 ट्रांसफार्मर भी पड़े ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बुधवार आधी रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जिला चंबा में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वीरवार दोपहर 2 बजे तक रुक-रुक कर बारिश जारी रही।
भारी बारिश से 34 सड़कें बंद हो गईं हैं। जिले के 90 गांव अंधेरे में डूब गए हैं। जल शक्ति विभाग की 37 पेयजल परियोजनाएं ठप हैं। इससे जल संकट गहरा गया है। पिछले दो दिन से जिले में बारिश का क्रम जारी है। वीरवार शाम तक बंद पड़ीं 34 में से 27 सड़कों को बहाल कर दिया गया है जबकि सात मार्गाें को बहाल करने का कार्य जारी है। दूसरी तरफ, बारिश के कारण 19 में से 11 ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया है। इससे करीब 55 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है। अभी भी आठ ट्रांसफार्मर ठप हैं। जल शक्ति विभाग ने 37 पेयजल योजनाओं में से दस को बहाल कर दिया है। 27 पेयजल परियोजनाओं को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है।
बारिश से सेब की फसल को पहुंचा नुकसान
साहो क्षेत्र के लग्गा गांव में सेब की पैदावार पर बारिश का विपरीत असर पड़ा है। इससे बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। प्रभावितों में बागवान हरी सिंह, हेम राज, भानू राम, बलिराज, राम सिंह, कमलेश कुमार ने कहा कि देर रात शुरू हुई भारी बारिश के बीच उनकी सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस बार पैदावार अच्छी थी और अच्छी आमदनी की भी उम्मीद थी। वीरवार को सड़कें बंद होने के चलते यात्री बेबस दिखे। पैदल ही अपने कार्यालयों में पहुंचे। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि व्यवस्थाओं को बहाल करने में लिए टीमें जुटी हैं। उपमंडल अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।