चंबा। प्रदेश का इकलौता आकांक्षी जिला बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पाने की जद्दोजहद से जूझ रहा है। मेडिकल कॉलेज से लेकर जिले में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है, जहां पर हृदय रोग के मरीजों को इलाज मिलता हो।
सरकारी से लेकर निजी अस्पताल भी इन मरीजों को इलाज मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं। न तो आज तक सरकार ने यहां हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात करने की जहमत उठाई और न ही नेताओं ने कभी इस मुद्दे को विधानसभा पटल पर उठाया।
यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज होते हुए भी हृदय रोगियों को अपना इलाज करवाने के लिए जिले से बाहर का रुख करना पड़ रहा है। समय पर इलाज नहीं मिलने से आए दिन कोई न कोई व्यक्ति हृदय रोग के कारण जान गंवा देता है।
प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार रही हो या कांग्रेस की, दोनों सरकारों ने चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसका दंश आज हजारों हृदय रोगी झेल रहे हैं।
स्थानीय सुनील कुमार, विनोद कुमार, हंसराज, महिंद्र सिंह, अजय कुमार, शम्मी कुमार, प्यार सिंह और जय सिंह ने बताया कि जब कोई हृदय की बीमारी से पीड़ित होता है तो उसे उपचार के लिए टांडा या शिमला लेकर जाना पड़ता है। वहां आने-जाने का किराया पूरा करने में ही परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए सरकार को चंबा मेडिकल कॉलेज में शीघ्र हृदय विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए।
सरकार को विशेषज्ञों की कमी के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। जल्द ही चंबा में विशेषज्ञों की तैनाती होने की उम्मीद है। डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता, मेडिकल कॉलेज चंबा