सिहुंता (चंबा)। प्रदेश सरकार तीन साल से पुरुष और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद नहीं भर रही है। इसके चलते कर्मचारी वर्ग में रोष है। प्रदेश में कई प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता कई साल से नौकरी की राह ताक रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेताया है कि अगर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदों को न भरा गया तो आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक संघ जिला चंबा के अध्यक्ष बलवान अविनाशी, संयुक्त सचिव करतार सिंह, उपाध्यक्ष निधिया राम ठाकुर, राज्य कार्यकारिणी सदस्य वकील चंद, प्रदीप सिंह, नरेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, रजिंद्र कुमार, बाबा दित्ता, दिनेश कुमार, मंजू देवी, अनीता देवी, नारायण सिंह, बिमला देवी आदि कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि जिले में 15 माह से पुरुष और महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं पुरुष व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता बिना अवकाश लगातार कोरोना काल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पर तीन से चार स्वास्थ्य उपकेंद्रों का जिम्मा सौंपा गया है। कोरोना काल में इन कर्मचारियों को लोगों के गुस्से और अभद्र व्यवहार का भी शिकार होना पड़ रहा है। ये सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता मासिक टीकाकरण कैंप, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, गैर संचारी रोगों की जांच कर पहचान करना, हाई रिस्क महिलाओं का इलाज करवाना इत्यादि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को अंजाम दे रहे हैं।
कहा कि प्रदेश में 2069 पदों में से करीब 1800 के करीब पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता और 2260 में से 800 के करीब महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद खाली पड़े हैं। कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार से पुरुष/महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खाली को भरने की मांग की है, जिससे इस विकट स्थिति में ये लोगों की सेवा और बेहतरी के लिए कार्य कर सकें।