बादल फटने से साहो क्षेत्र में मची तबाही, मडोलू, तली और थल्ली गांवों का संपर्क कटा
बगीचों में एंटी हेलनेट फटने से क्षेत्र में सेब की पैदावार भी धराशायी, बागवान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। आसमान की चुप्पी अचानक टूट गई और जुंगली नाले में ऐसा सैलाब उतर आया जिसने कीड़ी की तस्वीर ही बदल दी। बादल फटते ही आधा किलोमीटर सड़क मलबे में समा गई। दो पैदल पुल बह गए और कीड़ी-बंजल मार्ग की रफ्तार वहीं थम गई। पल भर में रास्ते मिट गए, गांव कट गए और बागवानों की उम्मीदें भी पानी के साथ बहकर रह गईं। बगीचों में सेब के पौधे धराशायी हो गए हैं। कीड़ी-बंजल मार्ग पर जुंगली नाला के समीप पांच सौ मीटर सड़क का नामोनिशान मिट गया है। कैंची मोड़ के समीप बनीं दो पैदल पुलियां भी बह गईं। इससे गांव मडोलू, तली और थल्ली का संपर्क कट गया है। लंबी दूरी तय कर देर शाम काम के चलते बाहर निकले लोग घर पहुंचे।
उधर, बागवानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है। सेब बगीचों में नेट फटने के कारण सेब की पैदावार धराशायी हो गई है। इससे बागवानों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावितों में बागवान हरी सिंह, हेम राज, भानू राम, बलिराज, राम सिंह, कमलेश कुमार का कहना है कि देर रात शुरू हुई भारी बारिश के बीच बादल फटने से उनकी सेब की पैदावार पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस बार पैदावार अच्छी थी और अच्छी आमदनी की भी उम्मीद थी मगर उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा प्रदान करने की गुहार लगाई है। वहीं, दूसरी तरफ बादल फटने से अवरुद्ध हुए कीड़ी-बंजल मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनरी जुट गई है।
पंचायत कीड़ी के प्रधान अच्छर सिंह ने बताया कि बादल फटने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। साथ ही दो पुलियां भी बही हैं। उन्होंने बताया कि बागवानों की फसल भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर प्रशासन का अवगत करवाएंगे। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार बताया कि कीड़ी-बंजल मार्ग को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मशीनरी मौके पर तैनात है। मार्ग को बहाल करने के प्रयास जारी है।