सिहुंता (चंबा)। मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से सिहुंता तहसील के तहत आते गांवों में काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के 200 किसानों के खेतों में काट कर रखी गई गेहूं की फसल तबाह हो गई। गेहूं की फसल खराब होने से अब किसानों को भविष्य की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि जिस तरह क्षेत्र में गेहूं की फसल लहलहा रही थी उससे किसानों को उम्दा पैदावार होने की उम्मीद थी लेकिन मूसलाधार बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
तहसील सिहुंता के तहत आते सिहुंता, धुलाड़ा, द्रम्मनाला, रजैं, हटली, बलाणा, थुलेल, कामला, गरनोटा, समोट, टुंडी, खनौड़ा, मोरठू, जोलना समेत अन्य गांवों में अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। क्षेत्र में अच्छी गेहूं की फसल होने पर बाहरी राज्यों के व्यापारियों ने भी क्षेत्र में डेरा जमाना शुरू कर दिया था।
किसानों रमेश कुमार, सुशील कुमार, जगदीश कुमार, अशोक कुमार, रमन कुमार और धर्म चंद का कहना है कि क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई होने से पहले ही भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं के दाने गिर गए हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से किसानों को होने वाले नुकसान की एवज में आर्थिक सहायता प्रदान करवाने की मांग की है।