बाजारों से वार्डों तक पोस्टर-बैनरों का कब्जा, शहर की सुंदरता बिगड़ने पर कार्रवाई का इंतजार
निजी प्रचार के लिए सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल, लोगों ने उठाए निगरानी पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में निजी कारोबार का प्रचार सरकारी संपत्ति के सहारे हो रहा है। मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों और विभिन्न वार्डों में सरकारी दीवारों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थलों पर दुकानों, शोरूम, कोचिंग केंद्रों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पोस्टर-बैनर चिपके हैं।
इससे शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, लेकिन इन्हें हटाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के मामले में नगर परिषद की सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने का सिलसिला जारी है। लोगों का कहना है कि निजी कारोबारी सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल मुफ्त प्रचार के लिए कर रहे हैं। इससे विज्ञापन संबंधी नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नियमानुसार सार्वजनिक स्थलों पर विज्ञापन लगाने के लिए संबंधित निकाय की अनुमति और निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है। ऐसे में शहरवासियों ने पूछा है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उधर, एसडीएम चंबा चिराग शर्मा का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। कहा कि जल्द ही नगर परिषद चंबा को इस बारे निर्देशित किया जाएगा। वहीं, नगर परिषद चंबा की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल का कहना है कि शहर में निरीक्षण किया जाएगा और सरकारी संपतियों में लगे पोस्टर और बैनर हटाए जाएंगे।
सार्वजनिक स्थलों पर विज्ञापन लगाने के लिए सभी कारोबारियों को समान नियमों का पालन करना चाहिए। यदि किसी को प्रचार की अनुमति दी जाती है तो निर्धारित शुल्क भी लिया जाना चाहिए। -
खेमराज
शहर के मुख्य बाजारों और रास्तों में जगह-जगह पोस्टर चिपके हुए हैं। इससे शहर की सुंदरता खराब होती है। नगर परिषद को नियमित निरीक्षण कर ऐसे पोस्टर हटाने चाहिए। - ऐन सिंह
सरकारी दीवारों और खंभों का इस्तेमाल निजी प्रचार के लिए करना उचित नहीं है। सार्वजनिक संपत्ति सभी की है, इसलिए इसका दुरुपयोग रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। - सार्थक महाजन
निजी कारोबारियों को प्रचार करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। नगर परिषद को विज्ञापन के लिए निर्धारित स्थान चिह्नित करने चाहिए। - पवन कुमार