चंबा। करुणामूलक संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से कैबिनेट बैठक में पॉलिसी संशोधन करते हुए प्रति व्यक्ति 62,500 की सालाना आय शर्त को खत्म करने और आय सीमा 2.50 लाख से ज्यादा बढ़ाने की मांग की है।
कहा कि वित्त विभाग की ओर से अस्वीकृत केसों को कंसीडर न करने की अधिसूचना को रद्द कर अस्वीकृत केसों को पुन: कंसीडर करने की अधिसूचना जारी की जाए। कहा कि पांच प्रतिशत कोटे की शर्त को हटाया जाए। जिन विभागों, निगमों या बोर्डों और विश्वविद्यालय में रिक्त पद नहीं हैं, उन केसों को अन्य विभागों में शिफ्ट कर नौकरियां दी जाएं। योग्यतानुसार सभी श्रेणियों के कुशल और अकुशल पदों पर नौकरियां दी जाएं।
जिला मुख्यालय चंबा में सोमवार को करुणामूलक संघ की जिलास्तरीय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनावों के समय कांग्रेस ने हर मंच से करुणामूलक परिवारों को वन टाइम सेटलमेंट देने की बात कही थी। अब सरकार करुणामूलक परिवारों के मुद्दे पर गंभीर है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सब कमेटी गठित की है। कमेटी का अध्यक्ष शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को बनाया है। सदस्यों में राजेश धर्माणी, यादविंद्र गोमा को सदस्य बनाया है। मुख्यमंत्री ने कमेटी को आदेश दिया गया है कि इस मुद्दे को कैबिनेट में लाया जाए। बैठक में राज्य मीडिया प्रभारी गगन कुमार, जिला प्रधान रविंद्र अत्री, आईटी सेल के प्रवीण अत्री आदि मौजूद रहे।