चंबा। सरकार ने हाल ही में नागरिक अस्पताल डलहौजी में लैब तकनीशियन की तैनाती के आदेश निकाले थे, इन्हें छह दिन बाद ही बदल दिया है। लैब तकनीशियन ने डलहौजी अस्पताल में ज्वाइन ही नहीं किया।
सरकार में अपनी पहुंच दिखाते हुए मनपसंद स्टेशन में तबादला करवा लिया है। इसके चलते डलहौजी अस्पताल में लैब तकनीशियन की कमी दूर नहीं हो पाई है।
आकांक्षी जिले के सरकारी अस्पतालों में लैब तकनीशियनों की भारी कमी है। इस वजह से अस्पतालों में मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में जब सरकार ने डलहौजी नागरिक अस्पताल और चंबा मेडिकल कॉलेज में एक-एक लैब तकनीशियन की तैनाती के आदेश निकाले तो लोगों को उम्मीद जगी कि अब उनके टेस्ट सरकारी अस्पतालों में आसानी से हो जाएंगे, लेकिन सरकार ने अपने ही आदेशों को छह दिन में बदल दिया। अब लोगों की वह उम्मीद भी टूट चुकी है।
कहने के लिए सरकारी अस्पतालों में क्रस्ना लैब की तरफ से मरीजों के टेस्ट करने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। यहां मरीजाें के खून के नमूने लेकर जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजे जाते हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने में एक दिन लग जाता है, जबकि मरीज के इलाज के लिए टेस्ट की रिपोर्ट जल्दी मिलना जरूरी होता है। चंबा जिले के मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। यही वजह है कि सरकार चंबा में जिन कर्मचारियों की तैनाती के आदेश निकाल रही है, उसके अगले पल ही उन आदेशों को खारिज भी कर रही है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि सरकार को लैब तकनीशियन की कमी के बारे में चिट्ठी लिखी गई है। जल्द ही चंबा में तकनीशियनों की तैनाती हो सकती है।