चुराह (चंबा)। चंबा-चांजू रूट पर छह माह बीतने के बाद भी एचआरटीसी बस नहीं दौड़ पाई है। निगम में बसों की कमी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों की मानें तो जनवरी से चांजू से चंबा के लिए जाने वाली सरकारी बस सेवा बंद पड़ी हुई है जिसका खामियाजा नौकरीपेशा, विद्यार्थियों और अन्य लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इस रूट पर एकमात्र ही बस चलती थी। उसके अलावा और कोई सरकारी या निजी बस इस रूट पर नहीं चलती है।
ऐसे में ग्रामीणों को चंबा जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। कहा कि हर बार निगम से एक ही तर्क दिया जाता है कि निगम के पास बसों की कमी चल रही है लेकिन बसों की कमी का खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों सुरेश कुमार, महेश कुमार, रमेश, सुनील कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार आदि का कहना है कि चंबा पहुंचने के लिए उन्हें अमूमन तीन हजार रुपये निजी टैक्सी चालक को चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में ग्रामीणों की जेबों पर खूब कैंची चल रही है। कहा कि ग्राम पंचायत देहरा, चांजू, चरड़ा, टिकरीगढ़ और बघेईगढ़ की करीब 25 हजार आबादी इसी बस सेवा पर निर्भर है। इतना ही नहीं क्षेत्र की महिलाओं को सरकारी बस के किराये में मिलने वाली छूट का भी लाभ नहीं मिल रहा है। एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि निगम के पास जैसे ही नई बसें आएंगी तो इस रूट पर बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।