बनीखेत (चंबा)। बनीखेत-नगाली रूट की हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस नगाली से महज आठ किमी का सफर तय करके चकरा में हांफ गई। बस के बीच राह हांफने से उसमें सवार 50 सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस के स्टार्ट न होने पर आखिरकार मजबूरन सवारियों को चार किमी पैदल सफर तय करके अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। इसके लिए लोगों ने निगम के प्रति रोष प्रकट किया है।
जानकारी के अनुसार सरकारी बस बुधवार को सुबह 8:00 बजे नगाली से 50 सवारियों को लेकर बनीखेत के लिए रवाना हुई। इसमें स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग सवार थे लेकिन सरकारी बस महज आठ किमी का सफर तय करके चकरा पहुंचने पर बीच राह हांफ गई। बस चालक और परिचालक ने अपने स्तर पर बस को ठीक करने का भरलक प्रयास किया लेकिन बस के स्टार्ट न होने पर बस में सवार सवारियां बस से नीचे उतर गईं। चालक ने फोन के जरिये मेकेनिक को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे मेकेनिक ने तकनीकी खराबी तलाश कर उसे ठीक करने का कार्य आरंभ किया। करीब आधे घंटे के बाद बस स्टार्ट हो पाई। तब तक अधिकांश सवारियां वहां से पैदल या फिर निजी वाहनों से जा चुकी थीं।
बस सवारियों विशाल कुमार, योगराज, सुनयना, राकेश कुमार, सुरेश, ईशा, दिनेश कुमार, विनोद कुमार आदि का कहना है कि बस बीच राह ही बंद पड़ गई। कहा कि प्रबंधन रूटों पर खटारा बसें भेज रहा है। उन्होंने निगम से रूट पर खटारा बसें भेजने के बजाय नई बसें भेजने की मांग की है।
बस अड्डा बनीखेत के निरीक्षक रमेश शर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी से बस खराब हुई थी। मेकेनिक को बुला कर आधे घंटे में बस को ठीक करवा दिया गया था।