चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चंबा डिपो को आखिर कब खटारा बसों से निजात मिलेगी। यह सवाल लोगों की जुबान पर है। इस बार डिपो की बस गोली के पास भंजराडू रूट की हांफ गई है। ऐसे में लगभग एक घंटे तक इंतजार करने के बाद रूट पर बस भेजी गई। तब जाकर यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। यात्रियों का कहना है कि एचआरटीसी की बसों में सफर करना इसकी खतरे से कम नहीं है। क्योंकि, ये बसें किसी भी मोड़ पर खराब हो सकती हैं।
इससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बता दें कि चंबा डिपो की कई बसें खटारा हो चुकी हैं। इनके पहिये हर दिन किसी न किसी मोड़ पर थम जाते हैं। सोमवार को भंजराडू रूट की बस गोली के पास रुक गई। बस में आई तकनीकी खराबी का तर्क देकर चालक और परिचालक ने बस आगे न जाने की सवारियों को बात कही। इसके बाद एक घंटे तक सवारियां अपने सामान के साथ दूसरी बस का इंतजार करती रही। यात्री किशन चंद, हरीश कुमार, ललित कुमार, जगदीश चंद और हेम राज का कहना है कि सरकारी बसों की बजाय निजी बसों का सफर करेंगे। क्योंकि, सरकारी बसें कहां खराब हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। इतना किराया देने के बाद भी बस के खराब होने पर उन्हें आगे का सफर पैदल या फिर दूसरी गाड़ी करके करना पड़ता है। परिवहन निगम के सवारियों को अच्छी सहूलियत देने के दावे फेल होते साबित हो रहे है।
बस में तकनीकी खराबी आने पर यह समस्या उत्पन्न हुई है। यात्रियों के लिए दूसरी बस का इंतजाम किया गया था।
शुगल सिंह, डीडीएम, एचआरटीसी चंबा डिपो