किहार (चंबा)। सायर की संक्रांति पर मनाए जाने वाला गढ़ माता जातर मेला 15 और 16 सितंबर को मनाया जाएगा। 15 सितंबर को पनोगा गांव से 2:00 बजे माता प्रस्थान करेंगी।
4:00 बजे गढ़ में प्रवेश के साथ ही गढ़ माता जातर मेले का आगाज हो जाएगा। रात्रि को पवन एंड पार्टी जम्मू की ओर से भजन-कीर्तन किया जाएगा। 16 सितंबर को सुबह 4:00 बजे मंदिर में हवन पाठ किया जाएगा। सुबह 8:00 से दोपहर 12:00 बजे तक भजन-कीर्तन किया जाएगा। 12:00 से 1:00 बजे तक माता के सैकड़ों गूर दैवीय शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। 1:00 से दो बजे तक जम्मू और हिमाचल के खिलाड़ी रस्साकशी और मटका तोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। 2:00 से 5:00 बजे तक बैरागढ़ का नृत्य दल चुराही नाटी की प्रस्तुति देगा। गौरतलब है कि यह मेला सौ वर्ष पहले से मनाया जा रहा है। क्षेत्र के लोग मक्की की फसल तैयार होने पर पहली फसल माता को अर्पित करते हैं। हिमाचल और जम्मू की सीमा पर स्थित मां चामुंडा के इस मंदिर की स्थापना 700 वर्ष पूर्व चंबा सियासत के राजा पृथ्वी सिंह ने की थी। गढ़ माता में लोगों की विशेष आस्था है। गढ़ माता मंदिर कमेटी के सचिव दर्शन शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान लंगर की भी व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं के लिए पानी की भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया हे कि बढ़ चढ़ कर इस जातर मेले में भाग लें।