उद्यान उपकेंद्र सिंहुता सिर्फ नाम का, न अधिकारी, न पौधे
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे चल रही व्यवस्था
बागवान बोले, नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। सिहुंता स्थित उद्यान उपकेंद्र किसानों के लिए किसी काम का नहीं है। यहां न तो कोई स्थायी अधिकारी तैनात है और न ही पौधों की उपलब्धता है। उपकेंद्र केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे चल रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों और बागवानों को निराशा हाथ लग रही है। बागवानों का कहना है कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की न तो जानकारी मिलती है और न ही केंद्र से कोई मार्गदर्शन। मजबूरी में उन्हें स्थानीय दुकानों से पौधे खरीदने पड़ते हैं, जिनकी गुणवत्ता पर भी संदेह रहता है।
स्थानीय बागवानों पवन कुमार, कमल कुमार, लोकीनंद, शमशेर सिंह, रतन चंद आदि का कहना है कि क्षेत्र में सेब, नाशपाती, नींबू और कीवी की खेती के प्रति बागवानों में उत्साह तो है लेकिन विभागीय सहयोग के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पा रहे। कभी-कभार कोई अधिकारी दौरे पर आता है, लेकिन स्थायी संपर्क न होने से योजनाओं की जानकारी भी अधूरी रह जाती है। बागवानों का कहना है कि उनके इलाके में पहले बागवानी काफी कम लोग करते थे। लेकिन, जब बागवानों का रुझान बागवानी में बढ़ने लगा तो केंद्र में अधिकारी और योजनाओं की जानकारी नहीं मिलने से समस्या हो रही है। बागवानों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि सिहुंता उद्यान उपकेंद्र में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही समय-समय पर पौधों और खाद बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह का कहना है कि पदों को भरने के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है। पौधे समय-समय पर भेजे जाते हैं। अगर बागवानों को पौधे लेने में परेशानी होती है तो वे चंबा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।