चंबा। जिले भर के आयुर्वेदिक औषधालयों में औषधीय पौधों की बगिया तैयार की जाएगी। इर्बल गार्डन योजना में सभी विधानसभा क्षेत्रों की डिस्पेंसरियों में क्यारियों में आंवला, नीम, हरड़, जामुन और अश्वगंधा समेत विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे रोपे जाएंगे।
इनकी देखरेख यूनिट प्रभारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी करेंगे। आने वाले दिनों में आयुष विभाग इन क्यारियों का सौंदर्यीकरण करवाएगा। औषधीय पौधों के नाम और इनके गुणों के बारे में लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। लोगों को औषधीय पौधों का महत्व बताया जाएगा और उन्हें ये पौधे अपने घर, आंगन और क्यारियों में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला चंबा में 42 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।
जिले के चंबा, तीसा-भंजराडू, भरमौर, पांगी, टुंडी समेत सभी क्षेत्रों में स्थित 42 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में अमूमन 2500 औषधीय पौधे लगाए गए हैं। सबसे पहले आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में जगह की व्यवस्था होने पर हर्बल गार्डन बनाए गए हैं। हर्बल गार्डन में अश्वगंधा, शताबरी, गिलोय, हरड़, बहेड़ा, आंवला, नीम, बिल्व, शम्मी, इनसुलिन, तुलसी, सर्वगंधा, सदापुष्पा, कड़ीपत्ता, बणा, जामुन समेत अन्य औषधीय पौधे रोपे गए हैं। अब इन हर्बल गार्डन के लिए अतिरिक्त बजट की मांग भी विभाग की ओर से उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण ने बताया कि पंचायतों में स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में औषधीय पौधे रोपित करवाए गए हैं। आगामी दिनों में इन औषधीय पौधों के बारे में लोगों को भी जानकारी दी जाएगी। वर्तमान में यूनिट प्रभारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही इनकी देखरेख कर रहे हैं।