चंबा। शहर को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए नगर परिषद को शहरवासियों का सहयोग नहीं मिल रहा है। इस कारण घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग थैलों में देने की नगर परिषद की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है।
शहर में 100 में से 20 प्रतिशत शहरवासी ही दो थैलों में गीला और सूखा कचरा सफाई कर्मचारी को दे रहे हैं। बहराहल, जागरूक करने और सहयोग की अपील करने के बाद भी आदेशों की अवहेलना करने वालों पर नगर परिषद ने नोटिस जारी करने और चालान करने की तैयारी कर ली है।
नप के अधीन आते 11 वार्डों जनसाली, सुराड़ा, चौंतड़ा, कसाकड़ा, हटनाला, सपड़ी, धड़ोग, चौगान, हरदासपुरा, सुल्तानपुर और जुलाहकड़ी के तहत करीब 4500 मकान आते हैं। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था का जिम्मा निजी ठेकेदारों को दिया है। निजी ठेकेदार के कर्मचारी डोर टू डोर कूडा़-कर्कट एकत्रित करते हैं। नप ने शहर वासियों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग थैलों में सफाई कर्मियों को देने की अपील की है। लोगों को जागरूक करने के लिए भी जागरूकता अभियान भी चलाए, लेकिन इसमें सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है। सफाई कर्मचारियों को अपने स्तर पर ही गीला और सूखा कचरा अलग करना पड़ रहा है। इसकी सूचना निजी ठेकेदारों ने नप को दी है। अब नगर परिषद सहयोग न करने वाले शहरवासियों को नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं। सहयोग न करने वानों को चालान काटकर जुर्माना भी किया जा सकता है। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि जो लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग थैलों में नहीं दे रहे हैं। उन्हें जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे और उनके चालान काटे जाएंगे।