चंबा। गांधी जयंती के मौके पर जिला मुख्यालय को भले ही अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर कचरा मुक्त कर दिया है। मगर इस गंदगी का निष्पादित वैज्ञानिक तरीके से नहीं किया गया है। वीरवार को महा श्रमदान पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में एकत्रित की गई गंदगी को रावी नदी के किनारे ठिकाने लगाया गया। इससे रावी नदी के पानी में जहर घुल रहा है।
हालांकि इस मामले को लेकर कई बार नगर परिषद चंबा और प्रशासन सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आमने सामने रहे हैं। मगर कूड़ा संयंत्र के पूरी तरह से क्रियान्वित न हो पाने की सूरत में गंदगी को ठिकाने लगाना नगर परिषद चंबा के लिए चुनौती बन गया है। वहीं, रावी को गंदगी से बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए भी कठिन कार्य है।
जानकारी के अनुसार शहर से निकलने वाले टनों के हिसाब से कूड़े-कर्कट को कुरांह के कूड़ा-संयंत्र केंद्र में निष्पादित किया जाता रहा है। मगर समय के साथ-साथ गंदगी के ढेर यहां लगने शुरू हो गए। कूूड़े को आग लगाने के मामले भी सामने आए। इससे जहरीला धुआं, ग्राम पंचायत मैहला, गागला, दलगंणा कुरांह के लिए बीमारियों का कारण बन गया।
ग्रामीणों के प्रदर्शन एनजीटी ट्रिब्यूनल के हस्तक्षेप के बाद इसे बंद करवा दिया गया। हालांकि, नप चंबा ने कई अन्य जगहों पर भी कूड़ा संयंत्र केंद्र के लिए जगह तलाशी गई। मगर लोगों के विरोध के चलते नप कूड़ा संयंत्र दूसरी जगह स्थापित करने में सफल नहीं हो पाई। ऐसे में अब नप चंबा कुरांह स्थित कूड़ा संयंत्र को आरंभ करवाया गया है। बावजूद इसके महा श्रमदान पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में एकत्रित की गई गंदगी को रावी नदी के किनारे ठिकाने लगाया गया।
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महा श्रमदान पर्व के बाद वीरवार को चौगान के समीप भी कूड़े के ढेर लगे रहे। इसके अलावा कूड़ेदान औंधे मुंह गिरे थे। महा श्रमदान के बाद ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं की जा रही थी। मगर अव्यवस्था के कारण महा श्रमदान के सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए है।
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चंबा जनमंच के अध्यक्ष भुवनेश्वर शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ने किचन के ठोस अपशिष्ट के लिए निष्पादन केंद्र बनाया था। उन्होंने कहा कि 15 सालों में नप चंबा ने कोई खाद नहीं बनाई गई। नप चंबा निष्पादन केंद्र बनाने के लिए साथ लगती पंचायतों से किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली गई है।
मात्र एक प्रधान से कोरे कागज पर हस्ताक्षर लिए गए हैं। शहर से निकलने वाले कूड़े का निष्पादन करने का जिम्मा नप चंबा का है। शहर से निकलने वाला कूड़ा कहां-कहां फैंका जा रहा है। इसकी उनके पास पूरा रिकॉर्ड है।
सदर विधायक पवन नैयर का कहना है कि कूड़ा संयंत्र केंद्र को जल्द ही चालू करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ढंग से कूड़े को निष्पादित किया जा रहा है। पॉलीथीन और प्लास्टिक लोनिवि को दिया जाएगा।