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कूड़े से खाद तो बनी नहीं नरक बन गया जीवन
कुरांह कूड़ा संयंत्र में लगे कचरे के पहाड़, मुंह पर कपड़ा बांधकर खेतों में काम करने जाते हैं ग्रामीण
बोले- गरीबों की कोई नहीं सुनता, मैहला और गागला पंचायतों को नगर परिषद ने बना दिया डंपिंग साइट
दिन भर भिनभिनाती रहती हैं मिक्खयां, कहा- कूड़े के कारण हो चुकी है गोसदन की 30 गायों की मौत
खेतों तक पहुंच गया कूड़ा, पिछले एक साल से खराब पड़ी है मशीन, रोजाना बढ़ता जा रहा कचरे का पहाड़
रिंपी ठाकुर
चंबा। नगर परिषद के कूड़ा संयंत्र कुरांह में कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। यहां जमा कूड़े का एक साल से निष्पादन नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि कूड़ा संयंत्र में जमा हुए कूड़े से खाद तो बनी नहीं, उल्टा उनका जीवन नरक बन गया है।
उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि खेतों में काम करने के लिए भी मुंह पर कपड़ा बांधकर जाना पड़ता है। उन्हाेंने यहां तक कहा कि गरीबों की कोई नहीं सुनता। मजबूरी है कहां जाएं।
दिन रविवार : समय दोपहर 12:00 बजे, स्थान कुरांह कूड़ा संयंत्र। इसमें कूड़े के पहाड़ लगे हैं। यहां जमा कूड़े का एक साल से निष्पादन नहीं किया गया है। लोगों ने कहा कि सुबह और शाम के समय कूड़े की दुर्गंध फैल रही है। इससे मैहला और गागला पंचायत के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को कूड़ा संयंत्र कुरांह का दौरा किया। 12:15 बजे मुंह पर कपड़ा बांधकर कूड़ा संयंत्र के आसपास के खेतों में लोग काम करते दिखे। उनका कहना है कि कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के कारण उनका जीना हराम हो गया है।
नगर परिषद से कई बार कूड़े को हटाने की मांग की गई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लोगों ने कहा कि कूड़े का सही निष्पादन नहीं होने के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पिछले एक साल से यहां कूड़े के ढेर लगे हैं। मक्की-मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। 12:25 बजे एक ग्रामीण ने कहा कि गंदगी के कारण उनकी गाय की मौत हो गई। यह बताते उनकी आंखों से आंसू छलक आए। कहा कि इसी गाय के दूध से उनका रोजगार चल रहा था। 12:30 बजे गाड़ी संयंत्र में कूड़ा फेंकने पहुंचती है। यह कूड़ा निष्पादित कैसे होगा, इसको लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा निष्पादन करने वाली मशीनें बंद पड़ी हैं।
परिचर्चा:-
एक तरफ कूड़े ने जीना हराम कर दिया, दूसरी ओर उसकी वजह से रोजगार भी छिन गया है। कुरांह स्थित गोसदन में 30 गायें थीं। कूड़े से बीमारी के कारण अब ये मर चुकी हैं। इस गोसदन से आजीविका चलती है। नप और प्रशासन को कूड़े का सही तरीके से निष्पादन करना चाहिए। - कैलासो
कूड़ा संयंत्र कुरांह में कचरे का निष्पादन न होने से लोग पहले भी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। गर्मियों का मौसम आते ही बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार नगर परिषद को अवगत करवाया, लेकिन समस्या को हर बार अनदेखा किया है। - सनी कुमार
नगर परिषद ने शहर में तो सफाई व्यवस्था को लेकर अभियान चला रही है, लेकिन शहर का सारा कचरा कुरांह में ठिकाने लगा रही है। लगभग दो पंचायतों की सैकड़ों आबादी इससे परेशान हो रही है। लोगों को मजबूरी में कचरे के बीच जीवन जीना पड़ रहा है। - छिंदू कुमार
एक साल से कूड़ा निष्पादन का कार्य ठप है। सरकार या तो यहां से कूड़ा संयंत्र शिफ्ट कर दे या वैज्ञानिक तरीके से कूड़े के निष्पादन की व्यवस्था करवाई जाए। कूड़े की गंदगी के कारण दो पंचायतों के लोग विभिन्न प्रकार की बीमारी का दंश झेल रहे हैं। - स्वामी भुवनेश्वर शर्मा
कुरांह स्थित कूड़ा संयंत्र के पास कचरे के इतने बड़े पहाड़ खड़े हो चुके हैं कि यहां दिन भर मच्छर और मक्खी भिन्नभिनाते रहते हैं। पिछले एक साल से यह समस्या चल रही है। नगर परिषद इसका कोई समाधान नहीं कर पा रही है। - प्रतीक्षा
नप की कार्यकारी अधिकारी नीलम राणा ने बताया कि कूड़े से खाद बनाने वाली मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। इसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।