चंबा। शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे करने वाली नगर परिषद चंबा को सफाई ठेकेदारों और सफाई कर्मियों का सहयोग नहीं मिल रहा है।
एक तरफ नगर परिषद सफाई कर्मियों के सहारे शहर के हॉट स्पॉट क्षेत्रों को चकाचक रखने के लिए अभियान चला रही है, दूसरी ओर सफाई कर्मचारी घरों से कूड़ा एकत्रित करने के बाद इसे नालों में ठिकाने लगा रहे हैं। ऐसा ही हरदासपुरा वार्ड के मोहल्ला मुगला में सामने आया। शनि देव मंदिर परिसर के समीप एक सफाई कर्मी ने नाले में कूड़ा ठिकाने लगा दिया। हैरानी की बात है कि नगर परिषद डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण अभियान चला रही है, जिससे शहर के हर वार्ड को चकाचक किया जा सके। नगर परिषद को लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। लोग कूड़ा सफाई कर्मियों को तो दे रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी कूड़े का सही ढंग से निष्पादन करने के बजाय नालों में ठिकाने लगा रहे है। लोग घरों से कूड़ा देने की एवज में नगर परिषद की ओर से निर्धारित शुल्क का भी भुगतान कर रहे हैं, मगर नगर परिषद सिर्फ लोगों से कूड़े के नाम पर पैसे ऐंठने तक ही सीमित रह पाई है। कूड़े के सही निष्पादन की व्यवस्था नहीं बना पाई है। नगर परिषद का ठेकेदारों के खिलाफ नरम रवैया जारी है। ऐसे में शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। गौरतलब है कि शहर की सफाई के लिए सालाना एक करोड़ रुपये की राशि खर्च हो रही है। अलग-अलग जोन में शहर को बांटा गया है। गली-मोहल्ले तो अब साफ हुए हैं, लेकिन नालों में कूड़ा ठिकाने लगाने के मामले पर रोक नहीं लग रही है।
उधर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है। इस बारे में ठेकेदार से जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि नगर परिषद को इस बारे में ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए जाएंगे। शहर को साफ रखना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। अगर कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो इसमें कार्रवाई होनी चाहिए।