चंबा। विधानसभा क्षेत्र डलहौजी के तहत आते राजकीय प्राइमरी स्कूल छुद्रा में 15 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अध्यापक के सहारे चल रही है। स्कूल में हालात ऐसे हैं कि डेढ़ वर्ष से तैनात अध्यापिका किसी बीमारी के चलते स्कूल में सेवाएं नहीं दे पा रही हैं। इससे स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई स्थायी अध्यापक तैनात नहीं है। शिक्षा विभाग ने अध्यापक की तैनाती करने के बजाय प्रतिनियुक्ति के सहारे 15 विद्यार्थियों का भविष्य छोड़ दिया है। अगर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया अध्यापक विद्यालय न पहुंच पाए तो बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ जाती है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से स्कूल में स्थायी अध्यापक की तैनाती करने की मांग की है।
अभिभावकों रमेश शर्मा, मीना कुमारी, दिनेश शर्मा, राकेश कुमार, मेघा शर्मा और रेखा देवी ने बताया कि सरकार स्कूलों में अच्छी सुविधाएं देने के वायदे करती है लेकिन डेढ़ वर्ष से स्कूल में एक स्थायी अध्यापक की तैनाती तक नहीं कर पाई है। इसके चलते अभिभावकों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। कहा कि विद्यालय में हर सप्ताह में बदल-बदल कर प्रतिनियुक्ति पर अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंचते हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थायी अध्यापक न होने से अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। हालांकि, कई बार स्कूल प्रबंधक समिति की ओर से शिक्षा विभाग को लिखित प्रस्ताव तैयार कर अध्यापक की तैनाती करने के बारे में भेजा गया है। बावजूद इसके हालात अभी तक नहीं बदल पाए हैं।
कार्यवाहक प्रारंभिक उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि नई नियुक्ति होने के बाद स्कूल में अध्यापक की तैनाती कर दी जाएगी।