चंबा। प्रदेश के हजारों बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों को पिछले पांच सालों में सिर्फ निराश ही हाथ लगी है। रोजगार की बाट जोह रहे इस वर्ग के बेरोजगार अब ओवरएज होने के मुकाम पर पहुंच गए हैं। वर्ष 2021 के बजट में 871 पद स्वीकृत होने के बावजूद पूर्व भाजपा सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू ही नहीं करवा पाई जबकि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल में हमीरपुर चयन आयोग के माध्यम से दो बार परीक्षा और बैच वाइज भर्ती करवाकर प्रदेश के बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों को रोजगार उपलब्ध करवाया था। इससे स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी की बेरोजगारों की हितैषी है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम तो सिर्फ मंडी मोह में ही फंसे रहे।
बेरोजगार लेखराज, मान सिंह, श्रीकांत, लोकेश राज, पवन कुमार, नरेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, राज कुमार, अशोक कुमार आदि ने बताया कि शारीरिक शिक्षक की भर्ती से संबंधित आरएंडपी रूल पूरे न करने वाले कुछ लोगों ने वर्ष 2021 के बजट में स्वीकृत 870 पदों की भर्ती पर उच्च न्यायालय से स्टे लगवा रखा है।
वर्ष 2014 में भी इन आरएंडपी नियम पूरा न करने वाले लोगों ने उस समय भी भर्ती पर स्टे लगवाया था। स्टे लेने वाले लोगों को उस समय आरएंडपी के अनुसार अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के आदेश दिए थे। तत्कालीन कांग्रेस पार्टी की सरकार ने बड़ी तत्परता से केस की पैरवी करते हुए जल्द स्टे हटवा दिया था। इस बार भी कांग्रेस पार्टी की सरकार से इस वर्ग के बेरोजगारों को खासी उम्मीद है। उच्च न्यायालय से स्टे लेने वाले सभी लोग मंडी जिले से संबंधित हैं जिन्होंने उच्च न्यायालय से स्टे लिया है। वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने इस मामले पर युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए प्रदेश के हजारों बेरोजगारों को न्याय और रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की है।