चंबा। गृह निर्माण सामग्री के वेस्ट को अब एक जगह इकट्ठा किया जाएगा। री-साइकिल कर इसका इस्तेमाल भवन निर्माण और अन्य कार्यों में किया जाएगा।
एनजीटी के आदेशों पर अमल करते हुए जिला प्रशासन ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। गृह निर्माण सामग्री के वेस्ट को एक जगह इकट्ठा करने का मकसद नदी-नालों को बचाना है। प्रशासन ने नगर पंचायतों और नगर परिषदों को इसके लिए डेढ़ से दो हेक्टेयर तक खाली भूमि का चयन करने के लिए कहा है। प्रशासन के आदेशों के आधार पर नप, नपं और ब्लॉक स्तर पर जगह के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमीनों का चयन और चिह्नित होने पर गृह निर्माण सामग्री के वेस्ट को यहां-वहां ठिकाने लगाने वालों पर जुर्माना लगाने समेत मामले तक दर्ज किए जाएंगे।
चंबा जिले में नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के अधीन गांवों में मकानों का निर्माण, पुराने मकानों की मरम्मत आदि के कार्य चले रहते हैं। मकानों के निर्माण के बाद बचने वाले वेस्ट को लोग नदी-नालों, खड्डों में ठिकाने लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ करोड़ों की वन संपदा को भी नुकसान पहुंचता है। इसकी शिकायतें सरकार, प्रशासन और विभागों के पास भी पहुंचती रहती हैं। इन्ही शिकायतों के आधार पर एनजीटी ने जिला प्रशासन को नगर निकायों, पंचायत स्तर पर गृह निर्माण के वेस्ट को एक जगह इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद डलहौजी के दायरे में इसके लिए जगह का चयन कर लिया गया है। ब्लॉक स्तर और शेष अन्य जगह खाली पड़ी जमीन की तलाश जारी हैं। अधिकांश जगह वन विभाग की भूमि जगह चिह्नित करने में बाधा बन रही है। विभाग के निर्देशानुसार अब एफसीए केस बनाकर स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे।
उधर, एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि गृह निर्माण के दौरान निकलने वाले वेस्ट को एक जगह पर एकत्रित किया जाएगा। आगामी समय में वेस्ट यहां-वहां पर फेंकने वालों पर जुर्माने के साथ केस भी दर्ज किए जाएंगे।