चंबा। सर्दियां शुरू होते ही महंगाई ने मध्यम वर्ग की थाली से सब्जियां गायब कर दी हैं। पौष्टिकता से भरपूर फ्रासबीन और फूलगोभी के दामों ने शतक लगा दिया है तो घीया और भिंडी के दामों में 10 रुपये की वृद्धि हुई है। जिले के बाजारों में फ्रासबीन और फूलगोभी 80 रुपये से 100 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही है। घिया और भिंडी 30 रुपये से 40 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि पहले ये 20 से 30 रुपये किलो थीं। टमाटर 30 रुपये से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। बढ़े दाम से गृहणियां भी अब सोच-विचार कर ही सब्जियां खरीदने को विवश हैं। उधर, सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जिस दाम पर उन्हें पीछे से सब्जियां मिल रही है, उसी के आधार पर आगे बेचनी पड़ रही है। कई बार सब्जियां समय पर न बिकने पर उन्हें फेंकना तक पड़ रहा है।
सब्जियों के दाम में 10 से 20 रुपये की वृद्धि से रसोई के बजट पर असर पड़ा है। पहले दो-दो किलो तक सब्जियां खरीदती रही हूं, लेकिन अब एक किलो सब्जी भी खरीदने के लिए सोचना पड़ रहा है।
रवीना बेगम, गृहिणी।
एक सप्ताह में ही सब्जी के दामों में बढ़ोतरी ने बजट हिला दिया है। सोच-विचार कर ही सब्जियों की खरीदारी करनी पड़ रही है। जमशीद बेगम, गृहिणी
बाजार में सब्जी के दामों में वृद्धि हुई है। समय पर सब्जियां न बिकने पर खराब होने की स्थिति में उन्हें फेंकना पड़ता है। सुनील कुमार, सब्जी विक्रेता।
महिलाएं भाव देखकर कम ही सब्जियां खरीद रही हैं। जो महिलाएं पहले दो किलो तक सब्जियां खरीदतीं थीं, वे अब एक किलो की भी बड़ी मुश्किल से खरीद कर हैं। सतीष कुमार, सब्जी विक्रेता।
सब्जियों के दाम बढ़ना लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है। वहीं, कम सब्जियों बिकने से ये खराब हो रहीं हैं, जिससे विक्रेताओं को भी घाटा उठाना पड़ रहा है। भूषण कुमार, सब्जी विक्रेता।
शहर में सब्जी विक्रेता भी अलग-अलग रेट पर सब्जियां बेच रहे हैं। लोग सोच-विचार कर ही सब्जी खरीद रहे हैं। केवल, सब्जी विक्रेता।