मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के बाहर मरीजों की लगी भीड़।
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चंबा। मेडिकल कॉलेज में 12 दिन से मरीजों के मुफ्त टेस्ट शुरू नहीं हो पाए हैं। अस्पताल प्रबंधन अभी तक खराब मशीन को दुरुस्त नहीं करवा पाया है। इसकी वजह से मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि मेडिकल कॉलेज की लैब में मरीजों के सभी टेस्ट मुफ्त करने का प्रावधान है। आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड धारक मरीजों का पूरा इलाज मुफ्त होता है लेकिन इन मरीजों को भी अपने टेस्ट करवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
मशीन खराब होने से जहां सरकारी लैब सूनी पड़ गई है तो वहीं निजी लैबों के बाहर मरीजों की भीड़ जुट रही है। सरकारी लैब में मुफ्त किए जाने वाले टेस्टों के निजी लैबों में मरीजों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इसका एक उदाहरण कुछ दिन पहले सामने आया था जब एक निजी लैब संचालक ने 10 रुपये में होने वाले यूरिन टेस्ट के मरीज से 500 रुपये वसूल लिए। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी कोई कदम नहीं उठाया। यही कारण है कि शहर में निजी लैब संचालक मरीजों से टेस्ट के बदले में मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं।
तीमारदारों सोभिया राम, चतर सिंह, अमर चंद, मनोज कुमार और देसराज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी मरीजों से भरी रहती है। चिकित्सक मरीजों को बीमारी का इलाज करने के लिए विभिन्न प्रकार के टेस्ट लिखते हैं। पहले ये टेस्ट सरकारी लैब में मुफ्त हो जाते थे लेकिन अब टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि खराब मशीन को जल्द दुरुस्त करवाया जाए।
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाया जा रहा है। पुर्जे को मंगवाया गया है। जल्द अस्पताल में मरीजों के मुफ्त टेस्ट शुरू हो जाएंगे।