चंबा। बदलते मौसम के कारण बच्चे वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। अभिभावक अचानक बच्चों के बीमार पड़ने से चिंतित हैं।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना चार से पांच बच्चे वायरल फीवर के भर्ती किए जा रहे हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे भी हैं, जो तेज बुखार के कारण बेहोश हो रहे हैं। इन बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग वार्ड में उपयुक्त व्यवस्था की गई है। गर्मी का मौसम शुरू होने से बच्चे ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, जिससे वे सर्दी-जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी-जुकाम की हालत में इन बच्चों को वायरल फीवर अपने जाल में जकड़ रहा है। शिशु रोग वार्ड में बच्चों की संख्या बढ़ने से एक बिस्तर पर दो-दो बीमार बच्चे उपचार के लिए लिटाए जा रहे हैं।
यही वजह है कि वायरल फीवर से ग्रस्त होने वाले बच्चों की संख्या में काफी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग ओपीडी में रोजाना 40 से 50 बच्चे वायरल से पीड़ित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। मामूली रूप से पीड़ित बच्चों को दवाई देकर घर भेजा जा रहा है। तीमारदारों में अशोक कुमार, चैन सिंह, भाेलू, मनोज कुमार, परवीन, सुरेंद्र और जय सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से गुहार लगाई है कि शिशु रोग वार्ड में बिस्तरों की संख्या में बढ़ोतरी करवाई जाए, जिससे बीमार बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
उधर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि बदलते मौसम के कारण बच्चे वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। अभिभावकों को ऐसे मौसम में अपने बच्चों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है।