सलूणी (चंबा)। जिले की आयल पंचायत के साहू गांव में जलशक्ति विभाग ने लोगों को दूषित पानी पिला दिया। सप्लाई में बदबू वाला पानी आने पर गांव के लोगों को संदेह हुआ तो वे टैंक पर पहुंच गए।
टैंक के भीतर देखा तो मरे हुए मेंढक पड़े थे। ये सड़-गल चुके थे। लोगों का आरोप है कि टैंक की सफाई करना तो दूर इस पर ढक्कन तक नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने मर चुके मेंढकों को पेयजल टैंक से निकाला। उन्होंने जलशक्ति विभाग पर नियमित तौर पर पेयजल टैंक की सफाई न करने का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने चुराह प्रशासन और जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता से ग्रामीण स्तर पर दूषित पानी की सप्लाई देने वालों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
रूप लाल, केवल, जगदीश, सुखदेव, हमीरू, बलवंत, भगत राम, दीपक, उत्तम सिंह, शेर सिंह, कसीरू और बृजलाल ने बताया कि आयल पंचायत के अधीन साहू-प्रथम, द्वितीय गांव में 80 परिवार रहते हैं। लंबे समय से घरों में बदबू वाले पानी की सप्लाई आ रही है। इस पर ग्रामीण बीते वीरवार को पेयजल टैंक पर पहुंच गए। टैंक का ढक्कन खुला था। इसमें मरे हुए मेंढक थे। उन्होंने बताया कि पेयजल टैंक से 100 मीटर दूर प्राथमिक पाठशाला साहू-प्रथम हैं। बच्चे यहीं से स्कूल जाते हैं। विभाग से कई बार टैंक को बंद करने समेत इसके आस-पास फेंसिंग करने की मांग उठाई, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
यह हो सकता है दूषित पानी पीने से
प्रदूषित जल पीने से पेट संबंधी रोग जैसे डायरिया, उल्टी, दस्त, जल जनित रोग उत्पन्न होते हैं। यदि मेंढक ने कुछ जहरीली वस्तु खाई है या उसे खाने के लिए दी गई है तो उसके पानी में मिलने से लोगाें के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता सुरेश ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पेयजल टैंक को खाली करवाकर नए सिरे से भर दिया है। पेयजल टैंक का ढक्कन चोरी हो गया है। जल्द ही सीमेंट का नया ढक्कन लगवा दिया जाएगा।