समाजशास्त्र पढ़ने लिए शिमला जाने को मजबूर
चंबा कॉलेज में एमए समाजशास्त्र की नहीं हो रही पढ़ाई
सरकार को भेजा है मामला, मंजूरी मिलने पर होगी व्यवस्था : शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के विद्यार्थियों को समाजशास्त्र में पढ़ाई करने के लिए शिमला का रुख करना पड़ रहा है। चंबा कॉलेज में समाजशास्त्र की एमए की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि इसके लिए या तो विद्यार्थियों को शिमला जाना पड़ रहा है या फिर निजी परीक्षा देकर स्नातकोत्तर करनी पड़ रही है। हालांकि, चंबा कॉलेज में वर्तमान में पांच विषयों में एमए की पढ़ाई चल रही है लेकिन समाजशास्त्र को लेकर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की ओर से इसके बारे में प्रस्ताव भेजे गए हैं लेकिन इस पर सहमति अभी तक नहीं मिल पाई है। जानकारी के अनुसार सुल्तानुपर स्थित चंबा कॉलेज जिले का सबसे बड़ा कॉलेज है। यहां करीब साढ़े चार हजार विद्यार्थी स्नातक और स्नातकोत्तर में पढ़ाई कर रहे है लेकिन स्नातक के बाद समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। विद्यार्थियों राकेश कुमार, अमरीश कुमार, पूजा कुमारी, रिंपी कुमार, अमित कुमार, रेखा कुमारी, सुनीता कुमारी, सुरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि चंबा कॉलेज में अंग्रेजी, हिंदी, इकॉनोमिक्स, राजनीतिशास्त्र और इतिहास विषय में स्नाकोत्तर की नियमित पढ़ाई हो रही है लेकिन समाज शास्त्र विषय को अभी तक शामिल नहीं किया गया है। उन्हाेंने बताया कि अगर चंबा में यह सुविधा मिलती है तो उन्हें नियमित पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। साथ ही जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
चंबा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विद्या सागर शर्मा का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि इसके बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द सरकार इसके लिए स्वीकृति प्रदान करेगी।