चुवाड़ी (चंबा)। चुवाड़ी परिक्षेत्र की ग्राम पंचायतों खरैड़ा, होबार, गाहर, बनेट, मलूंडा, तुरकड़ा, साडल, रायपुर, मलूंता, परिछयारा, कथेट और परछोड़ के बाशिंदे खड्डों और नालों का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैैं। भारी बारिश के कारण बीते दिनों पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से ऐसी नौबत आई है।
पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से 18 अगस्त से गांवों में पेयजल की आपूर्ति बंद पड़ी हुई है। इसके चलते लोगों को अपने पीने, मवेशियों और दैनिक उपयोग के लिए खड्डों और नालों से पानी ढोना पड़ रहा है। कई जगह तो भारी बारिश के कारण प्राकृतिक जलस्रोत भी बह गए हैं।
भटियात विधानसभा क्षेत्र की 12 पंचायतों के ग्रामीणों को गंदे पानी से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक जलशक्ति विभाग ने बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त लाइनों को बहाल करने का कार्य आरंभ करवाया होता तो इस प्रकार की समस्या पैदा न होती।
ग्रामीणों रमेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, बचन सिंह, जोगेंद्र सिंह, अरविंद राणा, पवन कुमार, राजिंद्र राणा, पुष्पेंद्र कुमार आदि ने बताया कि पेयजल की आपूर्ति न होने से लोगों को नहाए कई दिन हो चुके हैं। लोगों को पीने के लिए दूर-दराज की खड्डों से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुचारु करवाने की मांग उठाई है।
कार्यकारी एसएमओ डॉ. देवेंद्र पाल ने बताया कि मटमैला पानी पीने से जलजनित रोग हो सकते हैं। कहा कि गंदा पानी पीने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, टायफायड, चर्म रोग हो सकते हैं। लिहाजा, लोगों को गंदे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।
जलशक्ति विभाग के विभागीय अधिशासी अभियंता आरके ठाकुर ने बताया कि जल्द अत्यधिक क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को सुचारु करवा दिया जाएगा।