चंबा मिंजर मेला शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद
चंबा। कांग्रेस सरकार में मिंजर मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री के आने की परंपरा लगातार दूसरी बार टूटी है। यह परंपरा रही है कि अंतरराष्ट्रीय मेले का शुभारंभ राज्यपाल करते हैं और समापन मुख्यमंत्री के हाथों किया जाता है। पिछले साल की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू समापन अवसर पर नहीं आ पाए। हालांकि पिछले साल शिमला में मुख्यमंत्री सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से मेले का समापन किया था और योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया था। इस बार उनके आने की पूरी उम्मीद थी। परिधि गृह में उनका लोगों की समस्याओं का निदान करने का कार्यक्रम भी तय था। ऐसे में कई लोग रविवार सुबह से परिधि गृह में जुट गए। दाेपहर को सूचना मिली कि मुख्यमंत्री समापन समारोह में नहीं आ रहे हैं तो उन्हें मायूस होना पड़ा।
मुख्यमंत्री के आगमन से लोगों को नई घोषणाओं की आस थी, जो कि अब पूरी नहीं हो पाएगी। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मिंजर मेले की शोभायात्रा की अध्यक्षता की और मंजरी गार्डन में जाकर उन्होंने पारंपरिक तरीके से मिंजर का विसर्जन किया।
चंबा मिंजर मेला शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद
चंबा मिंजर मेला शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद
चंबा मिंजर मेला शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद