पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के मरीजों विशेषकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 200 किलोमीटर दूर कुल्लू की दौड़ लगानी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल पांगी में अल्ट्रासाउंड मशीन कई सालों से धूल फांक रही है। इस मशीन को चलाने के लिए कोई भी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। इसके चलते लाखों की मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है क्योंकि उन्हें समय-समय पर अपना अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है।
पांगी में उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 200 किलोमीटर दूर कुल्लू या 130 किलोमीटर दूर किश्तवाड़ जाना पड़ रहा है। चंबा जाने के लिए मरीजों को वाया साच पास 170 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन यह मार्ग बंद होने पर मरीजों को वाया जेएंडके होकर चंबा पहुंचने के लिए 600 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इसकी एवज में उनके दो दिन आने-जाने में लग जाते हैं। साथ ही सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलने वाली सहूलियत की एवज में तीन से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जनजातीय क्षेत्र पांगी की 19 पंचायतों के मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए नागरिक अस्पताल किलाड़ पर निर्भर हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा पांगी में नहीं मिलने की वजह से उन्हें कुल्लू या चंबा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। सरकार यहां के लोगों के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए भटकने को मजबूर हैं। -विनोद कुमार स्थानीय निवासी।
गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर अपना अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। पांगी में उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाएं कुल्लू जाने के लिए मजबूर हैं। सुरजीत स्थानीय निवासी।
गर्भावस्था में जहां डॉक्टर महिलाओं को गाड़ी में सफर करने से मना करते हैं। ऐसी हालत में गर्भवती महिलाओं को 200 किलोमीटर दूर सिर्फ अपना अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जाना पड़ रहा है। -संजीव ठाकुर स्थानीय निवासी।
सरकार ने जब लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी थी तब इसे संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की। यही कारण है कि मशीन होने के बावजूद मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं किए जा रहे हैं। अमित कुमार स्थानीय निवासी।
कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी किलाड़ डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि सरकार से किलाड़ अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करने की मांग की गई है। रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती होने पर मरीजों के अल्ट्रासाउंड शुरू कर दिए जाएंगे।