चंबा। जिले की 40 पंचायतों के टीबी मुक्त बनने के दावों की सत्यता का चिकित्सक और पंचायत कर्मचारी निरीक्षण करेंगे।
जो पंचायतें तय मापदंडों पर खरा उतरेंगी, उनका नाम राज्य को टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए भेजे जाएंगे। वहां से टीबी मुक्त पंचायत का एलान किया जाएगा। जिले की 309 में से 40 पंचायतों ने टीबी मुक्त बनने का स्वास्थ्य विभाग में दावा किया है। इन दावों का सर्वेक्षण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में पांच टीमों का गठन किया है। इसमें एक चिकित्सक और एक पंचायत कर्मचारी को शामिल किया है। टीमों को शिमला निदेशालय की तरफ से विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। टीबी मुक्त पंचायत का सर्वेक्षण करने केा लेकर पूरी जानकारी दी गई है। टीम संबंधित पंचायत में तैनात आशा वर्कर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता का भी इंटरव्यू लेगी। टीबी मुक्त पंचायत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मापदंड तय किए हैं। इन पर खरा उतरने वाली पंचायतें ही टीबी मुक्त बनने के लिए सक्षम मानी जाएंगी।
पंचायत में एक हजार की आबादी में एक या इससे कम टीबी का मरीज दर्ज होना चाहिए। पहले से दर्ज टीबी मरीज के इलाज की सफलता 90 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। टीबी मरीज को निक्षय मित्र योजना के तहत लाभ मिला होना चाहिए। अन्य मापदंडों की भी बारीकी से समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पंचायत मापदंडों पर खरा नहीं उतर पाई तो उसके दावों को रद्द कर दिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि पंचायतों के दावों का निरीक्षण करने के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। हर टीम पांच से दस पंचायतों का निरीक्षण करेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों के दावों को माना जाएगा।